रुड़की। ( आयुष गुप्ता )
शहर के होनहार निशानेबाज अभिनव देशवाल ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन के दम पर शूटिंग खेलों में नई पहचान बनाई है।
अभिनव अब तक करीब 40 राष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं। वर्ष 2022 में ब्राजील में आयोजित डेफ ओलंपिक में उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।

इसके बाद वर्ष 2024 में जर्मनी में आयोजित वर्ल्ड डेफ शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने पांच पदक अपने नाम किए। इनमें 10 मीटर एयर पिस्टल, 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल और 25 मीटर स्टैंडर्ड पिस्टल स्पर्धाएं शामिल रहीं। अभिनव के पिता मनोज देशवाल ने कहा कि बेटे की इस सफलता के पीछे उसकी कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार का निरंतर सहयोग है। उन्होंने बताया कि अभिनव ने हमेशा चुनौतियों को अवसर में बदलकर आगे बढ़ने का प्रयास किया है। उन्हें बेटे की उपलब्धियों पर गर्व है और उम्मीद है कि वह भविष्य में देश के लिए और बड़े मुकाम हासिल करेगा। वर्ष 2025 में टोक्यो (जापान) में आयोजित डेफलिम्पिक्स में भी अभिनव का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। वर्ष 2026 में अभिनव ने ओपन कैटेगरी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। एशियन चैंपियनशिप में 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल में उन्होंने एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता। वहीं, हाल ही में आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप 2026 (काहिरा) में उन्होंने कांस्य पदक हासिल किया। अभिनव देशवाल सुनने में दिव्यांग होने के बावजूद सामान्य वर्ग के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। उनकी उपलब्धियां युवाओं के लिए प्रेरणा हैं।
वरिष्ठ पत्रकार एवं कांग्रेस नेता सुभाष सैनी ने अभिनव देशवाल और शौर्य सैनी को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने दोनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान अभिनव देशवाल के स्वागत समारोह में कॉलोनी के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम में अमित धीमान कोच, कुलभूषण त्यागी, राजवीर सिंह तोमर, अजय राठी, ईश्वर अग्रवाल, हिमांशु सिंह, गुरमीत सिंह, सतीश, राम अवतार पांडे, उजाला सिंह, सुधीर त्यागी, सुभाष सैनी, पूर्व पार्षद विवेक चौधरी, वर्तमान पार्षद मास्टर कुलबीर सिंह, सुमित, परमेंद्र देशवाल, अक्षय राठी, सतीश सैनी, रवि सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।









