रुड़की। ( आयुष गुप्ता )
आज नगर निगम के आयुक्त कार्यालय के बाहर पार्षद गणों ने एकत्र होकर महापौर अनिता देवी अग्रवाल व नगर आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन किया और कहा कि महापौर अनिता देवी अग्रवाल व उनके पति की हठधर्मी से नगर निगम की जनता त्रस्त है। यही कारण है कि डेढ़ साल के कार्यकाल में निगम क्षेत्र में कोई विकास नहीं हो पाया। अधिकतर पार्षदों ने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल को जीरो रेटिंग दी।

सोमवार की दोपहर पार्षद पंकज सतीजा, चारु चंद्र, शिवम अग्रवाल, मनोज कुमार, अनुराग त्यागी, नितिन त्यागी, राकेश गर्ग, डॉ. नवनीत शर्मा, सतवीर सिंह, पार्षद प्रतिनिधि अमित कुमार, पार्षद साहिल, पार्षद प्रतिनिधि ताहिर, पार्षद अनुज जैन, प्रतिनिधि अमित कुमार, पूर्व पार्षद जेपी शर्मा, सांसद प्रतिनिधि संजय प्रजापति आदि ने कहा कि पार्षदों को बिना विश्वास में लिये महापौर द्वारा मरमर्जी से काम निकाले जा रहे है, जबकि पार्षद जो काम उन्हें बताते है, उसके प्रति कोई गंभीरता नहीं बरती जाती।
पार्षदों ने कहा कि अकाउंट कार्यालय द्वारा उन्हें बजट संबंधी भी कोई जानकारी नहीं दी जाती, अब वह कैसे तय करें कि कितना बजट निगम के पास है, जिसमें विकास कार्य किए जा सकते है। पार्षदों का कहना है कि महापौर कार्यालय की फाइलों को अपने आवास पर ले जाते हैं, जबकि आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ। पिछले दिनों अजब पार्षद अपने अपने वार्डों की समस्याओं को लेकर महापौर के पास गए, तो उन्होंने कहा कि बजट नहीं है, आज उन्होंने देखा कि महापौर द्वारा छह करोड़ की लागत का टेंडर कूड़ा निस्तारण निकाल दिया।गया, अब जब बजट नहीं है, तो वह कैसे टेंडर निकाल रहे है।
पार्षदों ने हैरत जताई कि जब पहले एक कंपनी कूड़ा निस्तारण के नाम पर करोड़ों का चुना लगा चुकी है, अब फिर टेंडर निकाल दिया गया, यह पेसो की बंदरबांट है। पार्षदों ने कहा कि बरसात नजदीक है, लेकिन निगम नाले नालियों की साफ सफाई नहीं करा पाई, जो महापौर ओर नगर आयुक्त की बड़ी लापरवाही है।
पार्षदों ने कहा कि महापौर कौन है अनिता देवी अग्रवाल, ललित मोहन अग्रवाल या शुभम अग्रवाल? यह भी स्पष्ट किया जाए। मामला बढ़ता देख नगर आयुक्त तिवारी ने सभी पार्षदों के साथ वार्ता की ओर उनकी समस्याओं को सुना। खबर लिखे जाने तक बैठक जारी थी।








