लक्सर। ( आयुष गुप्ता )
लक्सर पुलिस व सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम ने साइबर क्राइम के बड़े नेटवर्क से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जबकि अन्य संभावित बिंदुओं पर जांच जारी है।
कार्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी देहात शेखर सुयाल ने बताया कि एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन में जनपद में साइबर अपराधियों एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में कोतवाली लक्सर पुलिस/साइबर सेल/सीआईयू रुड़की ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसने साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को छिपाने एवं उसकी वास्तविक स्रोत श्रृंखला को तोड़ने के लिए नया तरीका अपनाया हुआ था। जांच के दौरान यह महत्वपूर्ण तथ्य प्रकाश में आया कि गिरफ्तार अभियुक्त अपने साथियों को सीएससी सेंटरों के क्यूआर कोड एवं स्कैनर कोड उपलब्ध कराते थे। गिरोह द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई एपीके फाइलों एवं अन्य साइबर माध्यमों का उपयोग कर आम लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी की जाती थी। धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि सीधे सीएससी सेंटरों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी, जिससे धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके। इसके पश्चात अभियुक्तगण उक्त धनराशि को सीएससी संचालकों से नकद ले लेते थे तथा विभिन्न सीडीएम (कैश डिपाजिट मशीन) के जरिए अपने साथियों द्वारा दिए गए बैंक खातो मे उक्त रकम जमा करा देते थे। इस प्रक्रिया के माध्यम से साइबर ठगी की धनराशि की लेयरिंग कर उसकी वास्तविक ट्रेल को तोड़ दिया जाता था, जिससे जांच एजेंसियों के लिए धन के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचना कठिन हो जाता था। इस कार्य को अंजाम देने के लिए आरोपी दूर दराज के देहाती क्षेत्र में जाकर भोले भाले लोगों को अपना शिकार बनाते थे। पुलिस द्वारा बरामद मोबाइल फोन एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है तथा उनकी गिरफ्तारी हेतु प्रयास जारी हैं।
बुधवार 10 जून को आवेदक मनीष कुमार पुत्र बिरम सिह निवासी ग्राम दाबकी कला कोतवाली लक्सर द्वारा कोतवाली पर तहरीर दी कि विपक्षी मो0न0- 6397556231 द्वारा आवेदक से अपनी गाड़ी सीज होने पर उसके चालान के लिये 91000/- रुपये नकद लेना व आवेदक के खाते में गलत माध्यम से प्राप्त 91000/- रुपये डालना व आवेदक सुशील कुमार पुत्र रघुवीर निवासी ग्राम दाबकी कला द्वारा कोतवाली पर तहरीर दी कि मोबाइल धारक मो0न0- 6397556231 व 7818088655 द्वारा आवेदक से अपने पिता को केंसर की बीमारी बताकर आवेदक से 80000/- रुपये नकद लेना व गलत माध्मय से प्राप्त 80000/- रुपए आवेदक के खाते में डालना बताया गया तथा यह भी बताया गया की उनकी सीसीटीवी फुटेज उसके दूकान के कैमरा में रिकॉर्ड हो गयी है। सूचना पर कोतवाली लक्सर पर धारा 318(4) बीएनएस 551/26 में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसकी विवेचना उप निरीक्षक राजीव उनियाल के द्वारा की गयी। घटना के सम्बन्ध में लक्सर पुलिस द्वारा जानकारी / सत्यता की जानकारी की, तो ज्ञात हुआ कि उक्त दोनों आवेदक सी0एच0सी0 सेन्टर चलाते है, जिस कारण दोनो आवेदक द्वारा आरोपियों को आसानी से नकद पैसे देकर अपने खाते मे पैसे डलवा दिये, आवेदको के खाते फ्रीज होने पर आवेदको को अपने साथ हुये धोखे का अंदेशा हुआ। आम जन के साथ हुये धोखाधड़ी की घटना को गम्भीरता से लेते हुये लक्सर पुलिस द्वारा अज्ञात अभियुक्तगणों की तलाश हेतु सम्भावित स्थानो पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालकर तथा एस0ओ0जी0 का सहारा लेकर अभियुक्तगणो के शिनाख्त के प्रयास किये गये। आज बृहस्पतिवार को लक्सर पुलिस द्वारा घटना में शामिल 02 अभियुक्तगणों को लक्सर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से 31 मई 2026 को धोखाधड़ी के 1,48,000/- रुपये बरामद किये गये तथा आरोपियों के पास से एक मोबाइल फ़ोन भी बरामद हुआ, जिसका जिक्र एफआईआर में किया गया था, जिसका अवलोकन करने पर उसके व्हाट्सएप चैट में वादियों के व् अन्य के क्यूआर स्कैनर के स्क्रीनशॉट सम्बंधित तिथियों की चेट में रिकवर किये गए। आरोपीगण की मिलान वादियों से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज से करने पर तस्दीक किया गया, पुलिस टीम ने अभियुक्तगणो को न्यायालय के समक्ष पेश किया। दोनी अभियुक्त इंटर व बीए पास है। अभियुक्तो का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। अभियुक्तों में अंकित चौहान पुत्र मुल्तान सिंह निवासी गांव शाहपुर थाना बेहट जिला सहारनपुर व विशाल चौहान पुत्र पवन सिंह निवासी गांव शाहपुर थाना बेहट जिला सहारनपुर शामिल रहे। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोशियारी, व0उ0नि0 नितिन चौहान, उ0नि0 राजीव उनियाल, कॉन्स्टेबल पंचम व रियाज तथा सीआईयू निरीक्षक रविन्द्र शाह प्रभारी, एएसआई अश्विनी, कानि ओसाब साइबर सेल रूडकी शामिल रहे।
साइबर फ्रॉड का पैसा सीएससी सेंटर संचालकों के खाते में डालने वाले दो शातिर गिरफ्तार








