रुड़की। ( आयुष गुप्ता )
किसान मजदूर संगठन सोसायटी (रजि.) द्वारा आज संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को किसानों एवं बेरोजगार युवाओं की समस्याओं से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया गया।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट महक सिंह सैनी ने कहा कि उत्तराखंड देश को जल एवं जलविद्युत उपलब्ध कराने वाला प्रमुख राज्य है, लेकिन विडंबना यह है कि यहां का किसान सिंचाई के लिए बिजली एवं पानी के खर्च का बोझ उठाने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि किसानों को मुफ्त सिंचाई सुविधा देने की पूर्व में की गई घोषणाओं का आज तक पूर्ण क्रियान्वयन नहीं हो पाया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चौधरी सेठपाल सिंह ने कहा कि पंजाब, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में किसानों को कृषि कार्य हेतु मुफ्त अथवा अत्यधिक रियायती बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। ऐसे में ऊर्जा उत्पादन में अग्रणी उत्तराखंड के किसानों को भी मुफ्त बिजली एवं पानी की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण कुमार सैनी ने कहा कि प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर हरिद्वार एवं ऊधमसिंह नगर

जनपदों में स्थित औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय युवाओं की अपेक्षा बाहरी राज्यों के श्रमिकों एवं कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे प्रदेश का शिक्षित युवा बेरोजगारी और पलायन की समस्या से जूझ रहा है। राष्ट्रीय सचिव ब्रह्म सिंह धीमान ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में स्थानीय युवाओं को निजी एवं औद्योगिक क्षेत्रों में प्राथमिकता देने संबंधी नीतियां लागू की गई हैं। उत्तराखंड सरकार को भी स्थानीय युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कानून बनाना चाहिए। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य नवीन मारिया ने कहा कि सरकार उद्योगों को भूमि, कर छूट एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराती है, इसलिए उद्योगों पर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की बाध्यता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने स्थानीय युवाओं को कम से कम 70 प्रतिशत रोजगार की कानूनी गारंटी देने की मांग की। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश होने का वास्तविक लाभ तभी प्राप्त होगा जब प्रदेश के किसानों को मुफ्त सिंचाई हेतु बिजली एवं पानी उपलब्ध कराया जाएगा तथा स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता सुनिश्चित की जाएगी। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में एडवोकेट महक सिंह सैनी (राष्ट्रीय अध्यक्ष), चौधरी सेठ पाल सिंह (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), चौधरी राजेंद्र (राष्ट्रीय महासचिव), ब्रह्म सिंह धीमान (राष्ट्रीय सचिव), वेदपाल सैनी (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), अरुण कुमार सैनी (राष्ट्रीय प्रवक्ता), गुलाम फरीद, नवीन मारिया, योगेंद्र सैनी, डॉ. रजनीश सैनी, गोपाल कृष्ण, मुकेश पाल, गोपाल सैनी, मुनेश पाल, मोहम्मद इसरार, रामपाल, सतीश चंद्र फौजी, रविंद्र सैनी, नाथीराम, चंद्रपाल, राकेश कुमार, किरण पाल सैनी, सतपाल सैनी, नरेश पाल, परविंदर सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों एवं बेरोजगार युवाओं से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो संगठन प्रदेशभर में लोकतांत्रिक एवं जनहितकारी आंदोलन चलाने को बाध्य होगा।









