सहारनपुर और गौतमबुद्धनगर की घटनाओं को लेकर रुड़की ब्राह्मण समाज में भारी आक्रोश, सिद्धेश्वर शिव मंदिर में हुई आपात बैठक

रुड़की। ( आयुष गुप्ता )
सहारनपुर में मंदिर के पुजारी पर एकतरफा कार्रवाई और गौतमबुद्धनगर में 14 वर्षीय मासूम गोपाल शर्मा की निर्मम हत्या के विरोध में आज सिविल लाइंस स्थित प्रतिष्ठित श्रीसिद्धेश्वर शिव मंदिर परिसर में रुड़की के ब्राह्मण समाज की समस्त इकाइयों एवं क्षेत्र के प्रतिष्ठित प्रबुद्ध जनों की एक आपात बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पुरोहित कल्याण समिति के अध्यक्ष पंडित राजकुमार कौशिक ने की। सभा में उपस्थित प्रबुद्धजनों ने दोनों घटनाओं पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में आने वाला समय चुनाव का है। कुछ असामाजिक तत्व अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए सामाजिक माहौल खराब कर रहे हैं और जातिवाद को बढ़ावा देकर सरकार की सर्वप्रिय छवि को धूमिल करने का कुप्रयास कर रहे हैं। समाज ने मांग की कि मुख्यमंत्री को स्वयं इस पर संज्ञान लेना चाहिए तथा एलआईयू को सक्रिय करना चाहिए ताकि ऐसी राष्ट्रविरोधी व असामाजिक घटनाओं को वक्त रहते रोका जा सके। ब्राह्मण हमेशा से ‘सर्वे भवंतु सुखिनः’ और राष्ट्र कल्याण की भावना के साथ सबका हित चाहता है। हम कभी जातियों में नहीं बंटते, इसलिए समाज को टारगेट न किया जाए। आने वाले चुनाव को देखते हुए कुछ असामाजिक तत्व माहौल बिगाड़कर सरकार को बदनाम करना चाहते हैं। हम मुख्यमंत्री और प्रशासन के साथ मुस्तैदी से खड़े हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन को भी सजग रहना होगा कि किसी दबाव में आकर एकतरफा कार्रवाई न हो। सहारनपुर मामले में पीड़ित पुजारी की तरफ से भी तुरंत मुकदमा (क्रॉस एफआईआर) दर्ज किया जाना चाहिए।
विश्व हिन्दू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भूषण शर्मा ने क्ष कि मासूम गोपाल शर्मा की निर्मम हत्या सभ्य समाज पर कलंक है। इस दुख की घड़ी में पूरा समाज पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। उत्तर प्रदेश की संवेदनशील सरकार और पुलिस प्रशासन से हमारी मांग है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से ऐसी ऐतिहासिक सजा दिलाई जाए जो नजीर बने। अश्वनी कुमार भारद्वाज (अध्यक्ष, विप्र फाउंडेशन) ने कहा कि “घटना के वास्तविक पहलुओं को सामने लाने के लिए पीड़ित ब्राह्मण (पुजारी) पक्ष की ओर से भी तत्काल रिपोर्ट दर्ज हो। इस पूरे प्रकरण के पीछे छिपे भू-माफियाओं या किसी संभावित राजनीतिक साजिश की तह तक जाने के लिए एक निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की जाए। पंडित राजकुमार कौशिक (अध्यक्ष, पुरोहित कल्याण समिति) ने कहा कि राष्ट्रवादी सोच वाली सरकारों को बदनाम करने के लिए कुछ लोग जातिवादी एजेंडा चला रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में कानून का राज है, इसलिए हमें पूरा विश्वास है कि वे स्वयं ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाएंगे ताकि सामाजिक ताना-बाना और मजबूत बना रहे। पंडित देवेंद्र शर्मा (अध्यक्ष, जनपदीय ब्राह्मण सभा) एवं अरविंद शर्मा (अध्यक्ष, भारतीय ब्रह्म सभा) ने कहा कि यह समय सरकार और समाज को मिलकर इन असामाजिक तत्वों को बेनकाब करने का है। एलआईयू और स्थानीय प्रशासन को सक्रिय होकर ऐसे मामलों को तुरंत हैंडल करना चाहिए ताकि किसी भी वर्ग में असंतोष न पनपे। आचार्य रजनीश शास्त्री (अध्यक्ष, पुरोहित समिति) ने कहा कि गोपाल शर्मा को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक के दूसरे चरण में गौतमबुद्धनगर के 14 वर्षीय बालक गोपाल शर्मा की जघन्य हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। सभा में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने मृतक आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन रखा और इस क्रूर घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। बैठक के अंत में संकल्प लिया गया कि ब्राह्मण समाज हमेशा शांति, विकास और राष्ट्रहित का समर्थक रहा है और रहेगा। लेकिन यदि समाज के निर्दोष लोगों का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो रुड़की और उत्तराखंड का ब्राह्मण समाज अपनी बात को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने के लिए मजबूर होगा। बैठक में आदित्य शर्मा (अध्यक्ष, जनपदीय ब्राह्मण सभा युवा प्रकोष्ठ), रोहित शर्मा वैदिक (महामंत्री, जनपदीय युवा प्रकोष्ठ), आचार्य सचिन शर्मा (महामंत्री, सर्व ब्राह्मण महासभा), पंडित ध्रुव कौशिक, प० सतीश कौशिक, प० नरेंद्र द्विवेदी, प० अनुज कौशिक, प० मनोज शर्मा, प० सुनील शर्मा, प० वीरेंद्र प्रसाद, पंडित पवन कुमार, पंडित लव कुश पाराशर, पंडित मनोज सेमवाल, पंडित नवीन कुमार शर्मा, प० चंद्र मोहन गोरोला, प० सचिन भारद्वाज, प० गोपाल शर्मा, आचार्य चेतन शर्मा, प० वेद प्रकाश शुक्ला, प० कुलदीप मोहन शर्मा, अनुज बाग आदि पदाधिकारी एवं समाज के सैकड़ों प्रतिष्ठित व्यक्ति मौजूद रहे।

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