रुड़की।  ( आयुष गुप्ता ) गढ़वाल सभा द्वारा आयोजित महाकाव्य रामायण के धर्म के संरक्षक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरित्र का चित्रण चौथे दिन धनुष यज्ञ, परशुराम लक्ष्मण संवाद, सीता विवाह का मंचन किया गया। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की भूमिका सुबोध बिष्ट, लक्ष्मण की भूमिका में मनीष रावत, जगत जननी सीता बनी तनीषा बुडाकोटी, क्रोधी ब्राह्मण सुनील रौथान, जनक के रुप में भारतेंदु ममगई विश्वामित्र ने भूमिका निभाई। नवीन बुडकोटी अहंकारी रावण के रुप में, रामप्रकाश कोटनाला बाणासुर की भूमिका में, पंकज मेंदोला ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। छवि राजा के रुप में मंच पर पहुंचते ही विजय सिंह रावत ने दर्शकों को लोटपोट कर दिया। अन्य राजाओं के रुप में नारायण सिंह रावत, कृष्ण बल्लभ उनियाल, अमिश रावत, मयंक राणा, सीता की सहेली बनी कशिश बुडाकोटी, खुशी पंत, अंशुल, भाट की भूमिका सुरेश चंद खर्कवाल ने निभाई। सजा भगवती, प्रसाद बलूनी, मोहन लाल बहुगुणा, मदन सिंह रावत, राकेश चौहान, ओमी जोशी, भारतेंदु ममगई ने योगदान दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेयर गौरव गोयल रुड़की ने अपने संस्कृत संबोधन में कहा कि सनातन धर्म को यथावत रखने के लिए धार्मिक आयोजनों का होना अत्यंत आवश्यक है। संबोधन से पूर्व मेयर गौरव गोयल ने रामलीला महोत्सव का फीता काटकर शुभारंभ किया। गढ़वाल सभा के पदाधिकारियों द्वारा उन्हें पटका एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सभा अध्यक्ष विक्रम सिंह नेगी, उपाध्यक्ष पीतांबर बौंठियाल, सचिव जेपी कुकरेती, उप सचिव नंदकिशोर डोबरियाल, कोषाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट, भारतेंदु ममगई, मदन सिंह रावत, रामप्रकाश कोटनाला, पूर्व अध्यक्ष बीपी बलूनी, मोहन लाल बहुगुणा, राकेश चौहान, चंद्र मोहन जोशी, सत्येंद्र सिंह नेगी, उम्मेद सिंह कंडारी, जयपाल सिंह गुसाईं, हेमंत बड़थ्वाल, विनय जोशी, प्रेम गोदियाल, महेंद्र सिंह रावत, पूर्व प्रधान कमला बमोला एवं राजेंद्र सिंह बिष्ट सहित बड़ी संख्या में भक्तजन मौजूदत रहे।

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