रुड़की। ( आयुष गुप्ता )
आज आजाद समाज पार्टी ओर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से सिविल अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि चिकित्सकों की लापरवाही के चलते आज भीम आर्मी का पदाधिकारी सलाखों के पीछे है। साथ ही तथाकथित राज्यमंत्री के खिलाफ नाराजगी भी प्रकट की। साथ ही आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में फर्जी मेडिकल रिपोर्ट तैयार कराकर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। कार्यकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
आसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह के नेतृत्व में समर्थक सिविल अस्पताल पहुंचे और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि झबरेड़ी खुर्द में “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद के बाद दर्ज मुकदमे में मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाकर पार्टी कार्यकर्ता सौरभ की गिरफ्तारी कराई गई, जबकि वास्तविक घटनाक्रम इससे अलग है। महक सिंह ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में धारदार हथियार से हमला और गंभीर चोटें दर्शाई गई हैं, जबकि घटना के वायरल वीडियो में ऐसा कोई हथियार दिखाई नहीं दिया। सिर्फ राज्यमंत्री के हाथों में ईंट ही नजर आई, क्या झगड़े के दौरान कोई व्यक्ति आसानी से धारदार हथियार से कान काट सकता है। उनका आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव के चलते मेडिकल रिपोर्ट को मनमाने तरीके से तैयार कराया गया। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। धरने के दौरान आसपा नेताओं ने सिविल अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि अस्पताल में पहले भी फर्जी मेडिकल बनाए जाने के आरोप सामने आते रहे हैं और इस मामले में शामिल चिकित्सकों की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। वहीं, रामपुर नगर पंचायत अध्यक्ष परवेज सुल्तान ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं द्वारा सत्ता का दुरुपयोग कर विपक्षी आवाजों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करने वालों को झूठे मुकदमों में फंसाना उचित नहीं है और पूरे प्रकरण की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
गौरतलब है कि झबरेड़ी खुर्द में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी, जिस पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने शनिवार रात नामजद आरोपी सौरभ को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद से आसपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी बनी हुई है। वहीं कार्यकर्ताओं ने सिविल अस्पताल के सीएमएस को एके मिश्रा को ज्ञापन दिया, जिसमें मेडिकल बनाने वाले चिकित्सक को निलंबित करने के साथ मामले की जांच की मांग की। वहीं सीएमएस ने मामले में जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस अवसर पर अमरीश कपिल, अमित कुमार, वसीम अहमद, अर्जुन कर्णवाल, सुमित, शशांक, दीपक, मोहनदास, मनोज कुमार, मनीष, सुशील पाटिल, अब्दुल वसीम, अनुराग पंत, अर्जुन कुमार, संदीप कुमार, किरत कर्णवाल, रोहित कर्णवाल आदि मौजूद रहे।
क्या राज्यमंत्री देशराज ने मुकदमा कराने के लिए लिया फर्जी मेडिकल रिपोर्ट का सहारा….? आसपा कार्यकर्ताओं ने सीएमएस को सौंपा ज्ञापन









