रुड़की।  ( आयुष गुप्ता ) 
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना में भाजपा की शह पर हुई धांधली का आरोप लगाते हुए आज बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा सरकार को “भ्रष्टाचारी सरकार” बताया। साथ ही कहा कि भाजपा ने रिकाउंटिंग के नाम पर बसपा प्रत्याशियों को हराकर भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का काम किया। जो बेहद ही निंदनीय है। उन्होंने कहा कि आज बसपा से घबराकर भाजपा उनके विजयी प्रत्याशियों को डरा धमका कर उन्हें तोड़ने का काम कर रही है। जो सीधे-सीधे लोकतंत्र की हत्या है। साथ ही कहा कि जीतने के बाद विजयी प्रत्याशियों को तत्काल प्रमाण पत्र वितरित कर देना चाहिए, लेकिन आज भाजपा सरकार के मन में खोट आ गया और उन्होंने प्रमाण

पत्र उन्ही विजयी प्रत्याशियों को दिया, जिन्होंने भाजपा के समर्थन में वोट करने की बात की। जिन लोगों ने उनकी बात नही मानी, उन्हें रिकाउंटिंग कराकर जबरन हराने का काम किया। कहा कि 28 तारीख से शुरू हुई मतगणना आज 1 अक्टूबर को तीन दिन हो गए हैं, लेकिन आज भी किशनपुर जमालपुर जिला पंचायत सीट का रिजल्ट निर्वाचन आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर नहीं डाला गया, इससे साफ जाहिर होता है कि भाजपा सरकार ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए जोर जबरदस्ती तरीके से भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए इस लोकतंत्र का गला घोंट दिया। साथ ही बताया कि भाजपा ने अपना बोर्ड बनाने के लिए हर हथकंडा अपनाते हुए सभी दलों के लोगों को डराने धमकाने का काम किया और रिकाउंटिंग के नाम पर भाजपा प्रत्याशियों को जिताने का काम किया। उन्होंने कहा कि आज भले ही बीजेपी अपनी सरकार के गुणगान का बखान कर रही हो, लेकिन हकीकत यह है कि वह इतना भी दम नहीं रखती कि अपने सिंबल पर किसी प्रत्याशी को जिता सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दम है तो भाजपा अपने सिंबल पर चुनाव जिताये, लोकतंत्र की हत्या करके आखिर भाजपा क्या साबित करना चाहती है। वही उन्होंने टिकोला कला जिला पंचायत से बसपा के सिंबल पर चुनाव जीते अंशुल चौधरी पर भी कटाक्ष किया और कहा कि वह भले ही बसपा के सिंबल पर चुनाव जीते हो, लेकिन वह गलत तरीके से चुनाव जीते और उन्होंने भाजपा के साथ सांठगांठ कर रिकाउंटिंग करा कर जीत अपने नाम की, जबकि वहां आजाद समाज पार्टी का प्रत्याशी विजयी हुआ था। वहीं बसपा प्रत्याशी आदेश कुमार ने कहा कि वह 512 वोट से विजयी हुए, लेकिन उन्हें प्रमाण पत्र नही दिया ओर उन्हें घर भेज दिया। बाद में उन्हें फोन कर बताया कि वह हार गए है, जब वह बसपा प्रदेश अध्यक्ष के साथ पहुंचे, तो उन्हें भी पहले टरकाया ओर बाद में उन्हें बल पूर्वक बाहर कर दिया तथा समर्थकों पर लाठियां भांजी गयी। वहीं सिकरोढा जिला पंचायत सीट से बसपा प्रत्याशी को भी भाजपा ने रिकाउंटिंग के नाम पर हरा दिया, जबकि वह 107 वोटों से जीत गए थे। वसीम कुरेशी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने रिकाउंटिंग के नाम पर अपने प्रत्याशी को अधिक मत दिखा कर विजयी घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि यह षड्यंत्र चुनाव से पहले ही सेट हो गया था और मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद डॉ निशंक के साथ ही बसपा के कुछ नेताओं ने भी मिलकर इस षड्यंत्र को बुना। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से रिकाउंटिंग का विरोध कर रहे दलित समाज के युवा और बहनों पर पुलिस प्रशासन द्वारा लाठियां भांजी गई, वह भी निंदनीय है। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि वह इस मामले को लेकर हाईकोर्ट, चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट तक भी जायेंगे। वहीं बाद में एकत्र लोगों और महिलाओं ने भाजपा सरकार मुर्दाबाद, प्रदीप चौहान मुर्दाबाद और आदेश कुमार जिंदाबाद के नारे लगाए और अपना रोष प्रकट किया।


बसपा की बैठक से नदारद रहे विधायक व कद्दावर नेता
वहीं आज बसपा पार्टी की ओर से इतने बड़े मुद्दे पर बसपा अध्यक्ष के साथ पार्टी के विधायकों और कद्दावर नेताओ का साथ न होना भी कहीं न कही बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। क्या सरकार विरोधी इस बैठक में इन नेताओं को शामिल नही होना चाहिए था। इससे यह साफ नजर आ रहा है कि यह लड़ाई अब बसपा के प्रदेश अध्यक्ष को अकेले ही लड़नी पड़ेगी। सूत्रों का मानना है कि इन लोगों के न आने की वजह पंचायत चुनाव के दौरान टिकट वितरण में चहेतों को ही टिकट बांटना भी प्रदेश अध्यक्ष का आज अकेला होना माना जा रहा है।

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