रुड़की। ( आयुष गुप्ता )
आज विप्र फाउंडेशन की ओर से नगर निगम संभागार में विभूति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने डेढ़ सौ से अधिक समाज की विभूतियों को सम्मान पत्र, पटका व प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
विभूति सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि समाज की एकजुटता को लेकर विप्र फाउंडेशन संगठन अच्छा कार्य कर रहा है। यह संगठन देश के कई राज्यों में सक्रियता से भूमिका निभा रहा है। इस फाउंडेशन के माध्यम से समाज के वृद्धजन, प्रबुद्ध नागरिक व समाज की प्रतिभाओं को भी सम्मानित कर उनकी हौंसला फजाई की जा रही है। विप्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज ने 51 हजार की धनराशि भूमि खरीदने के लिए देने की घोषणा की, उन्होंने कहा कि पापियों का अंत करने के लिए परशुराम पैदा हुए थे, उन्होंने कहा कि यदि नीति समाज या लोगो के खिलाफ जाती है, तो मैं उसका खुलकर विरोध करता हूं, उन्होंने कहा कि ब्राह्मण पहले 8-8 जप

करता था, लेकिन अब व्यवस्था बदल गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब आप दो सो लोगों के हाल को नहीं भर सकते, तो आपकी क्या सुनवाई होगी। जब तक राजा को सर नहीं दिखेंगे, आपको कुछ नहीं मिल सकता, देवभूमि में ब्राह्मण समाज सो चुका है और यूजीसी के गंभीर परिणाम समाज की आने वाली पीढ़ी भुगतेगी। कार्यक्रम का संचालन पवन शर्मा व सुजीत शर्मा संयुक्त रूप से किया। इस दौरान महापौर अनिता देवी अग्रवाल ने भी विप्र फाउंडेशन के प्रयासों को सराहा ओर कहा कि समाज की मजबूती में विप्र फाउंडेशन महती भूमिका निभा रहा है। विप्र फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी भारद्वाज ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा स्थापना के पांच वर्षों में ब्लड डोनेशन कैंप, जागरूकता शिविर जैसे समाजिक कार्यक्रमों में बढ़ चढ़कर हिस्सेदारी की गई, आज फाउंडेशन ने विभूति सम्मान कार्यक्रम कर समाज के लोगों, प्रतिभाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम का दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ किया गया। समारोह में जितेंद्र भारद्वाज क्षेत्रीय अध्यक्ष, अभय पांडे, कुलदीप वशिष्ठ, पार्षद नवनीत शर्मा, जेपी शर्मा, प्रीति भारद्वाज, पदम प्रकाश शर्मा, डॉ. गोपाल शर्मा, सौरभ भूषण शर्मा, केपी शर्मा, वैद्य टेक वल्लभ, पार्षद सचिन कश्यप, मनोज कुमार, डॉ. कुलदीप शर्मा, कमल शर्मा, एसपीएस गौतम, आशुतोष पांडे, नरेश गोस्वामी, सुरेश शर्मा, सूरजभान शर्मा, राजकुमार शर्मा, सुजीत शर्मा, पद्म शर्मा, सुखपाल शर्मा, मुकेश शर्मा आदि बड़ी में समाज के जिम्मेदार व गणमान्य लोग मौजूद रहे।










