महर्षि वाल्मीकि घाट पर नोटिस चस्पा करने के विरोध में उतरे समाज के लोग, मंत्री बत्रा को सौंपा ज्ञापन

रुड़की। ( आयुष गुप्ता )
भगवान वाल्मीकि घाट पर यूपी सिंचाई विभाग द्वारा ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा किए जाने के विरोध में वाल्मीकि समाज का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को मांग पत्र सौंपते हुए कहा कि इस कार्रवाई से समस्त वाल्मीकि समाज की धार्मिक भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं और समाज में भय तथा असंतोष का माहौल उत्पन्न हो गया है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि भगवान वाल्मीकि घाट केवल एक स्थान नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सम्मान और धार्मिक पहचान का प्रतीक है। समाज के लोगों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस पवित्र स्थल पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई को वाल्मीकि समाज किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने बताया कि नोटिस लगाए जाने के बाद से समाज में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है और लोगों में भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने समाज को आश्वस्त किया कि वाल्मीकि समाज की धार्मिक भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा तथा मामले का न्यायपूर्ण समाधान निकालने के लिए सकारात्मक पहल की जाएगी। मंत्री के इस आश्वासन के बाद समाज के लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है। वाल्मीकि समाज के लोगों ने विश्वास जताया कि सरकार उनकी आस्था और सम्मान की रक्षा के लिए उचित कदम उठाएगी। इस दौरान समाज के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे, वही एक प्रतिनिधि मंडल ने यूपी सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता ओर अवर अभियंता से भी वार्ता की, उन्होंने प्रतिनिधि मंडल की बातों को सुना ओर कहा कि जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुरूप ही आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिनमें रामेश्वर प्रसाद, सतपाल वैध, सुरेश, सोहन सिंह, आकाश छाछर, विजेंद्र बोहत, अमर बेनीवाल, सोनू बिरला, दीपक, जगदीश प्रधान, नरेश फौजी, टीपू राम, विवेक टांक, विकास, देशराज, चंद्रपाल, रविंदर साजन, हर्ष तलवार और नितिन सांसी सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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