रुड़की। ( बबलू सैनी )
कांग्रेस नेत्री एवं मेयर प्रत्याशी रही पूजा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर सनसनी मचा दी, उनकी पोस्ट से राजनिगिक गलियारों में आम जनता पर थोपे जा रहे “ग्रीन टेक्स” को लेकर तरह तरह की चर्चाएं हो रही है।
पूजा गुप्ता ने कहा कि रुड़की और आसपास के क्षेत्रों के हजारों परिवारों को सीधे तौर पर ग्रीन टेक्स प्रभावित कर रहा है। हाल ही में उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य की सीमा पर लगाया गया ‘ग्रीन टैक्स’ अब आम जनता के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। मूल रूप से यह टैक्स प्रदेश में आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए था, लेकिन आज इसकी मार हमारे अपने अपनों पर पड़ रही है। उन्होंने प्रमुख समस्याएँ गिनाते हुए बताया कि रुड़की और हरिद्वार में ऐसे अनगिनत परिवार हैं, जिनके बच्चे शिक्षा या रोजगार के लिए सहारनपुर, मुजफ्फरनगर या दिल्ली जैसे शहरों में रहते हैं। जब ये बच्चे सप्ताहांत (Weekend) पर अपने माता-पिता से मिलने आते हैं, तो उन पर यह टैक्स थोपा जा रहा है। क्या अपने घर आना ‘पर्यटन’ है?
व्यापारिक रिश्तों पर चोट: देवबंद, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से प्रतिदिन व्यापारी और आम नागरिक अपने कार्यों के लिए रुड़की आते हैं। बार-बार लगने वाला यह टैक्स स्थानीय व्यापार और आपसी लेन-देन को आर्थिक रूप से कमजोर कर रहा है।
गलत स्थान का चयन:
रुड़की एक सीमावर्ती शहर है। यहाँ की सामाजिक और आर्थिक बनावट पड़ोसी राज्यों से जुड़ी हुई है। अगर सरकार को यह टैक्स वसूलना ही है, तो इसकी सीमा हरिद्वार के बाद तय होनी चाहिए, ताकि स्थानीय आवाजाही प्रभावित न हो। कहा कि रुड़की की जनता की समस्याओं को अनदेखा करना न्यायसंगत नहीं है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि रुड़की की भौगोलिक स्थिति और यहाँ के निवासियों की पारिवारिक एवं व्यापारिक जरूरतों को समझते हुए इस ‘ग्रीन टैक्स’ की नीतियों में तत्काल सुधार किया जाए। स्थानीय और पारिवारिक आवाजाही को इस दायरे से बाहर रखा जाए।
“ग्रीन टैक्स” पर पूर्व मेयर प्रत्याशी पूजा गुप्ता का तीखा सवाल, लोगों के लिए बना “फ़ांस”









