रुड़की। ( आयुष गुप्ता )
निकाय चुनाव का बिगुल बजते ही कांग्रेस व भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के साथ ही निर्दलीयों ने भी ब्लॉक व तहसील में पहुंचकर अपने-अपने नामांकन दाखिल किए, लेकिन तहसील में उस समय हंगामा देखने को मिला, जब कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी पर पार्षद पद के कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने गंभीर आरोप लगाये और कहा कि जब हाई कमान से जारी लिस्ट में उनका कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के रूप में नाम है, तो महानगर अध्यक्ष उन्हें सिंबल क्यों नहीं दे रहे। यहां तक कि जिन प्रत्याशियों को सिंबल दिया गया, उन्हें भी अधूरे कागजात ही दिये गए।
सोशल मीडिया पर महानगर अध्यक्ष कांग्रेस पर पैसे लेकर टिकट बदलने ओर सिंबल न देने जैसे पोस्ट जमकर वायरल हो रहे है। जिसके बाद महानगर अध्यक्ष की फजीहत होना शुरू हो गयी है।
लिस्ट में नामित पार्टी समर्थित प्रत्याशियों श्रीमती दीपा, मुबशशिर मिर्जा एडवोकेट, शब्बू कुरैशी सहित कई दावेदारों ने सीधा आरोप लगाया कि लिस्ट में नाम होने के बाद भी उन्हें सिंबल नही दिया गया, यहां तक उन पर पैसे लेकर टिकट बदलने तक के गंभीर आरोप लगाए गए। इस तरह की चर्चाएं सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कांग्रेस की अंदरूनी कलह बढ़ सकती है। जिसका सीधा असर कांग्रेस के प्रत्याशी पर पड़ना तय है।
वहीं इस संबंध में महानगर अध्यक्ष कुछ भी कहने से बचते नजर आए।
पार्षद पद के कांग्रेस उम्मीदवारों को नहीं मिला “सिंबल”, तो महानगर अध्यक्ष पर फूटा गुस्सा, “पैसे” देकर “टिकट” बांटने के लगे आरोप










