बुग्गावाला।
वन विभाग की खानपुर रेंज अक्सर किसी न किसी प्रकरण को लेकर खूब सुर्खियों में रहती है है। इस बार भी ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है, जहां रेंजर पर सांभर के शिकार करने के प्रकरण में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी न होने पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेंजर द्वारा मुख्य शिकारी व उसके दोस्तों को सांठगांठ कर छोड़ दिया गया जबकि सांभर के 4 किलो मांस के साथ एक ही गिरफ्तार किया गया। जबकि अन्य लोगों का कोई जिक्र नही किया गया।
बताया गया है कि कुछ दिन पूर्व बुग्गावाला क्षेत्र के आसपास गांव के कुछ लोगों ने एक सांभर का शिकार किया था, जिसका मांस सभी ने आपस में बांट लिया था। जब इसकी सूचना रेंजर को मिली, तो उन्होंने नेकीराम पुत्र जयपाल निवासी मजाहिदपुर सतीवाला खालसा के घर दबिश दी ओर मौके से 4 किलो सांभर का मांस बरामद करते हुए उक्त व्यक्ति को गिरफ्तार कर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 1972/संशोधित 2006 धारा 9/51 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया। रेंजर राम सिंह का कहना है कि सांभर का शिकार करने वाले आरोपी को मांस के साथ गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार करने वाली टीम में दरोगा सुभाष चंद्र, वर आरक्षी रमेश, दुष्यंत सैनी, रवि चौहान आदि शामिल रही। वहीं ग्रामीणों ने रेंजर पर आरोप लगाया कि उन्होंने मोटी रकम लेकर सांभर का शिकार करने वाले मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों के यहां दबिश के बाद उन्हें छोड़ दिया। जबकि वन विभाग के एसडीओ खुशहाल सिंह रावत ने कहा कि यदि इस मामले में कोई आरोपी बचा है, तो वह उसकी जाँच कर उन्हें भी गिरफ्तार करेंगे और पैसों के लेनदेन के आरोप में यदि कोई संलिप्त पाया गया, तो जाँच कर उनके खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई की जायेगी। फिलहाल इस मामले पर वन विभाग पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। जबकि डीएफओ हरिद्वार ने मामले की बाबत फोन नही उठाया।