Home / राज्य / उत्तराखंड / हरिद्वार / डीएम हरिद्वार व आईआईटी रुड़की डायरेक्टर ने किया वी मार्क इंडिया कंपनी द्वारा स्थापित हाईटेक कम्प्यूटर लैब का उद्घाटन

डीएम हरिद्वार व आईआईटी रुड़की डायरेक्टर ने किया वी मार्क इंडिया कंपनी द्वारा स्थापित हाईटेक कम्प्यूटर लैब का उद्घाटन

रुड़की। ( आयुष गुप्ता )
कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत वी-मार्क इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब का लोकार्पण आज तहसील रूड़की परिसर में जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर वी-मार्क इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विकास गर्ग भी उपस्थित रहे। यह पहल सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों, विशेषकर बालिकाओं को डिजिटल एवं तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी कदम है। इस अवसर पर जिला प्रशासन हरिद्वार एवं आईआईटी रूड़की के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए। एमओयू पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत तथा संयुक्त मजिस्ट्रेट रूड़की दीपक रामचंद्र शेट द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को कंप्यूटर एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराना है। आईआईटी रूड़की के प्रोफेसरों एवम कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम के अंतर्गत आईआईटी रूड़की के विद्यार्थियों द्वारा भी प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा पाठ्यक्रम पूर्ण होने पर विद्यार्थियों को आईआईटी रूड़की की ओर से प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम में बालिकाओं की भागीदारी को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि वे भी तकनीकी क्षेत्र में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। कार्यक्रम में आईआईटी रूड़की के डीन एसआरआईसी प्रो. विवेक मलिक, डीन इंटरनेशनल रिलेशन्स प्रो. करुण रावत, डीन एकेडमिक्स नवीन नवानी, सीनियर कंसल्टेंट श्रीमती मार्गरेट क्लिमकोटी, अपर उपजिलाधिकारी रुड़की अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार रूड़की विकास अवस्थी, तहसीलदार लक्सर श्रीमती शुभांगिनी सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे।


वहीं वी-मार्क इंडिया लिमिटेड की ओर से सीएफओ डी.के. बंसल, जीएम (एचआर) राहुल वत्स, एचआर अभय गोयल तथा लीगल हेड ज्ञान प्रकाश शर्मा भी कार्यक्रम में शामिल रहे। उद्घाटन समारोह में पहुंचे जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कहा कि यह पहल सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और उन्हें डिजिटल भारत के निर्माण में सहभागी बनाएगी। आईआईटी रूड़की के निदेशक ने इसे समाज और शिक्षा के बीच सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि जब प्रशासन, शिक्षण संस्थान और उद्योग जगत साथ आते हैं, तो परिवर्तन निश्चित होता है। यह पहल न केवल डिजिटल साक्षरता को बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को भी भविष्य की तकनीकों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share