रुड़की। ( बबलू सैनी )
उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव एडवोकेट राजेंद्र चौधरी ने प्रेसवार्ता करते हुए पत्रकारों को बताया कि उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष, सचिव व सदस्य को उन्होंने प्रस्तावित विद्युत दरों पर आपत्ति दर्ज कराई है। साथ ही मांग भी की है कि प्रस्तावित विद्युत दरों व अन्य चार्जों को बढ़ाया जाना वर्तमान में उचित नहीं है। अतः निम्न सुझावों के साथ आपत्ति दर्ज की जाये, जिनमें फिक्स चार्ज प्रतिमाह को समाप्त किया जाए, घरेलू उपभोक्ताओं को 2.80 पैसे के ही स्लैब में रखा जाये, किसानों, विधवा महिलाओं और सैनिकों के लिए पृथक स्लैब न्यूनतम दरों पर बनाया जाये, बिजली उपभोक्ताओं पर प्रस्तावित बढ़ोतरी न कि जाये, शामिल हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि विद्युत नियामक आयोग द्वारा उक्त सुझावों पर विचार-विमर्श नही किया गया, तो वह आयोग कार्यालय के बाहर धरना देने और भूख हड़ताल से भी पीछे नही हटेंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि कांग्रेस सरकार में इन मुददों को एक माह तक अमलीजामा पहनाया दिया जायेगा, यदि ऐसा नही होता, तो वह जनहित में सरकार के खिलाफ में प्रदर्शन से पीछे नही हटेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि हैरत की बात है कि ऊर्जा उत्पादन प्रदेश होते हुए भी यहां के निवासियों को महंगी दरों पर विद्युत बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। जो प्रदेशवासियों की जेब पर सीधा-सीधा डाका है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्युत विभाग के बिलों के प्रति आम जनता का जागरूक न होना भी बड़ा मुद्दा है। यदि आम जनता अपने अधिकारों/हितों के प्रति जागरूक हो जाये, तो आधे से ज्यादा समस्याओं का समाधान अपने आप हो जाएगा। उन्होंने कहा कि विद्युत बिलों की खामियों को दूर करने के लिए जनता को जागरूक होना पड़ेगा।
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नए वर्ष की प्रस्तावित विद्युत दरों को लेकर एडवोकेट राजेन्द्र चौधरी ने दर्ज कराई आपत्ति, बोले – ऊर्जा उत्पादन प्रदेश होते हुए क्यों बनाया जा रहा महंगी विद्युत दरों का स्लैब, मांगे पूरी न हुई तो आयोग के बाहर बैठूंगा भूख हड़ताल पर
