नगर निगम धरना: धरनारत कर्मचारियों और महापौर के बीच वार्ता रही असफल, खानपुर विधायक उमेश कुमार पर कर्मचारियों ने जताया भरोसा

रुड़की। ( आयुष गुप्ता )
आज नगर निगम सभागार में धरनारत कर्मचारियों ओर निगम प्रशासन के बीच वार्तालाप हुई। बैठक में दोनों ओर से काफी गहमागहमी देखने को मिली।


कार्य बहिष्कार कर धरना दे रहे कर्मचारियों के साथ आज महापौर अनिता देवी अग्रवाल ने वार्ता की ओर कहा कि सभी कर्मचारी, अपनी ड्यूटी पर लौटे, लेकिन कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि जब तक कर्मचारियों की मांगों को नहीं माना जाएगा, तब तक कर्मचारी वापस नहीं लौटने वाले। इस पर मेयर पति ललित मोहन अग्रवाल ने कहा कि शासन द्वारा जो जियो जारी किया गया है, उसी के अनुरूप निगम प्रशासन कदम उठाएगा, सैलरी बढ़ाने का प्रावधान शासन के जिओ में नहीं है, निगम की ओर से उनके प्रस्ताव को शासन में भेजा गया है, उसी अनुरूप आगे की कारवाई की जाएगी, वही कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि आखिर उनके साथ ही धोखा क्यों होता है, निगम के अधिकारी ओर महापौर कर्मचारियों की समस्या को लेकर गंभीर क्यों नहीं दिखते आखिर क्यों कर्मचारी धरने पर बैठने को मजबूर होते है, ऐसे अनेकों सवाल कर्मचारियों ने उठाए? वहीं यूनियन पदाधिकारी नरेश घोघलिया ने कहा कि जब इससे पूर्व कर्मचारी धरने पर डटे थे, तो महापौर अनिता देवी अग्रवाल ओर विधायक प्रदीप बत्रा ने आश्वासन दिया था कि उनकी मांगो को पूरा किया जाएगा।

साथ ही 100 रुपए प्रतिदिन के अनुसार बढ़ाने, थर्ड पार्टी कंपनी को हटाने, सहित अनेकों मांगे रखी थी, लेकिन आज तक भी उन मांगो को पूरा नहीं किया गया। कर्मचारियों ने कहा कि जब निगम उनकी समस्याओं/मांगो को पूरा करने में गंभीर नहीं है, तो उनके पास धरना देने ओर कार्य बहिष्कार का अलावा कोई रास्ता नहीं है। घंटो की वार्तालाप के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया। इसके बाद विधायक उमेश कुमार भी निगम पहुंचे ओर कर्मचारियों की मांगों को सुना।

उन्होंने कहा कि निगम में कर्मचारियों की तैनाती स्पष्ट नहीं है, जिसके लिए वह लिखित में नगर निगम से जवाब लेंगे, उन्होंने सहायक आयुक्त से कर्मचारियों की स्थाई ओर आउटसोर्स व मोहल्ला समिति में तैनात कमर्चारियो की सूची मांगी, जिसमें शासन के निर्देशों के अनुरूप मात्र 362 कर्मचारी स्वीकृत मिले, जबकि नगर निगम में तैनाती 560 के करीब की पाई गई, विधायक उमेश कुमार ने इसकी जांच करने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि शनिवार डेढ़ बजे कर्मचारियों की मांगों का निस्तारण होगा, जब तक धरना जारी रहेगा।


वहीं मेयर पति ललित मोहन अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम कर्मचारियों की सभी मांगो को मान रहा है, लेकिन कर्मचारी फिर भी धरने पर जा रहे है, यह ठीक नहीं है। कर्मचारियों के धरने में विधायक उमेश कुमार के विश्वास हासिल करने पर मेयर पति ललित मोहन अग्रवाल ने कहा कि बोर्ड के विधायक भी पदेन सदस्य है, उन्होंने भी कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, इसमें जल्द समाधान होगा। वहीं महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र चौधरी एडवोकेट ने कहा कि लिखित में निगम कर्मचारियों को आश्वासन दें, अन्यथा धरना जारी रहेगा। वहीं जीएनपी पार्टी के रुड़की विधानसभा प्रत्याशी दीपक शर्मा ने कहा कि यदि कल दोपहर तक मांगो का निस्तारण नहीं किया जाता, तो नगर निगम से जवाब तलब किया जाएगा। इस मौके पर सहायक आयुक्त अमरजीत कौर, पार्षद राकेश गर्ग, आकाश जैन, सूरज नेगी, नवनीत शर्मा, नरेश घोघलिया आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Share