इकबालपुर शुगर मिल का गन्ना पेराई सत्र सादगी के साथ हुआ शुरू, मिल मालिक श्रेया साहनी ने क्रेन में डाला गन्ना

रुड़की। ( आयुष गुप्ता ) बृहस्पतिवार को इकबालपुर शुगर मिल का गन्ना पेराई सत्र 2022-23 शुरू करने के लिए विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान मिल मालिक श्रेया साहनी, यूनिट हैड समीर सुहाग ने शुगर मिल क्रेन के नजदीक प्रांगण में पंडितों द्वारा पूजा-अर्चना, हवन-पूजन और यज्ञ कराकर पेराई सत्र का शुभारम्भ किया। साथ ही मिल मालिक व यूनिट हैड सहित मिल प्रबन्धन की टीम द्वारा पूजा- अर्चना कर हवन में आहूति दी गई। इसके बाद क्रेन में गन्ना डालकर पेराई सत्र का शुभारम्भ किया गया। उसके बाद मिल मालिक श्रेया साहनी ने मौके पर मौजूद सभी लोगों का आभार प्रकट करते हुए मिल को चलाने में सहयोग करने का आहवान किया। इस दौरान उन्होंने सभी किसानों से मिल में गन्ना सप्लाई करने पर जोर दिया। इस मौके पर यूनिट हैड समीर सुहाग ने कहा कि 14 नवंबर को मिल में कांटों पर तोल शुरू कर दिया जायेगा तथा गेट का इंडेंट भेजा जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि किसानों का तमाम गन्ना भुगतान करेंगे। सभी किसान अपना साफ-सुथरा व अगोला रहित गन्ना मिल में सप्लाई करंे। ताकि मिल और किसान दोनों को फायदा हो सके। उन्होंने कहा कि मिल व किसान दोनों एक ही गाड़ी के पहिये हैं, जो एक-दूसरे के बिना नहीं चल सकते। बताया कि आज पूजा-अर्चना की गई हैं और मिल का शुभारम्भ कर दिया गया है। बाद में पूर्ण आहूति कर भगवान सत्यनारायण की आरती की गई और बाद में प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर शुगर मिल के जीएम एडमिन बीएन चैधरी, जीएम फाइनेंस परमजीत सिंह, जीएम केन सुनील कुमार, गन्ना उप-महाप्रबन्धक शिवकुमार सिसौदिया, सुरक्षा अधिकारी राजबीर त्यागी समेत मिल के तमाम अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

क्रेन में गन्ना डालकर पेराई सत्र का शुभारंभ करती मिल मालिक श्रेया साहनी

वहीं दूसरी ओर बृहस्पतिवार को इकबालपुर मिल का गन्ना पेराई सत्र शुरू करने के लिए मिल मालिक द्वारा हवन-पूजन किया गया। इस दौरान सबसे बड़ी बात यह रही कि मिल प्रबन्धन द्वारा क्षेत्रीय किसानों को आमंत्रण नहीं दिया गया और उनसे दूरी बनाकर रखी गई। इसके पीछे क्या कारण रहा? यह तो मिल प्रबन्धन ही बेहतर जानें। लेकिन क्षेत्रीय किसानों में चर्चा है कि जबसे शुगर मिल लगी हैं, गन्ना पेराई सत्र शुभारम्भ के दौरान प्रबन्धन द्वारा क्षेत्र के किसानों को बुलाया जाता रहा हैं और एक अलग ही उल्लास देखने को मिलता था। लेकिन इस बार शुगर मिल बिना किसानों के सूना-सूना नजर आया।

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